Nasha Bandi Abhiyan

नशा बंदी योजना

 

  • शराब,मादक पदार्थो व द्रव्यों के सेवन की बढ़ती हुई प्रवृत्ति की रोकथाम के लिये विभाग द्वारा प्रचार प्रसार कार्यक्रमों, के माध्यम से नशा बंदी के पक्ष में वातावरण निर्माण करने के कार्य्रक्रम संचालित किये जाते है। इसमें मुख्‍य तः कलापथक दल, सांस्कृतिक संगठनो, कलामण्डलियों, स्वैच्छिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों के माध्यम जन जनजागृति के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
  • जिला स्तर पर प्रतिबंधित मादक द्रव्यों की रोकथाम के लिये गृह विभाग द्वारा कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत्‌ विभागों की जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन वित्तीय वर्ष 2011-12 में किया गया हैं।
  • प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम अन्तर्गत राज्य अनुदान से 9 चलित नशा मुक्ति केन्द्र- बालाघाट, बड़वानी, गुना, झाबुआ, मन्दसौर, मुरैना, भिण्ड, पन्ना तथा टीकमगढ़ एवं 9 बाल नशा मुक्ति केन्द्र- दमोह, इटारसी (होशंगाबाद), खण्डवा, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम, बीना (सागर), सतना एवं इंन्दौर में स्थापना कर संचालित है।
  • आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के माध्यम से नशा मुक्ति के लिये प्रसारण किया गया है तथा निबंध, भाषण, चित्रकला एवं प्रद्गनमंच के कार्यक्रम आयोजित किये गये है।
  • नशा बंदी के सघन प्रचार प्रसार के लिये 276 स्वैच्छिक संस्थाओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना अन्तर्गत पोस्टर, फोल्डर, पम्पलेट आदि का वितरण कराया गया है।
  • नशा बंदी कार्यक्रम के लिये वित्तीय वर्ष 2011-2012 में रुपये 315.00 लाख का बजट प्रावधान स्वीकृत है।
  • भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा स्वैच्छिक संस्थाओं को नशा मुक्ति सह पुनर्वास केन्द्र एवं परामर्द्गा केन्द्र की स्थापना व संचालन के लिये 90 प्रतिद्गात तक अनुदान दिया जाता है।
  • वर्तमान में स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, नीमच, उज्जैन, सीहोर, रीवा,शाजापुर, श्योपुर, राजगढ़, सीधी एवं जबलपुर में नशा मुक्ति सह पुनर्वास केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेद्गा में कुल 14 नशा मुक्ति केन्द्र संचालित हैं।